
Iran में चल रहे युद्ध का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच चुका है। हाल के दिनों में खाने के तेल की कीमतों में लगभग 7% तक बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे हर घर का बजट थोड़ा बिगड़ गया है।भारत में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर खाने का तेल बाहर से आता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ता है, तो सप्लाई में रुकावट और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाता है। इसका सीधा असर बाजार में तेल की कीमतों पर पड़ता है। दुकानों पर भी अब तेल पहले के मुकाबले महंगा मिल रहा है, जिससे लोग खरीदारी करते समय सोचने पर मजबूर हो रहे हैं।इस महंगाई का असर सिर्फ रसोई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छोटे दुकानदारों और होटल-रेस्टोरेंट पर भी पड़ रहा है। कई जगह खाने की चीजों के दाम बढ़ाए जा रहे हैं या क्वांटिटी कम की जा रही है। आम आदमी के लिए रोज का खर्च संभालना थोड़ा मुश्किल होता जा रहा है।आने वाले समय में अगर हालात नहीं सुधरे, तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग अपने खर्च को संतुलित करें और सरकार भी स्थिति को काबू में रखने के लिए जरूरी कदम उठाए। फिलहाल, यह साफ है कि इस वैश्विक तनाव का असर हर घर तक महसूस किया जा रहा है।